वह सब शाम को शमीना के बंगले पर पहुंचे थे in storiestostories
वह सब शाम को शमीना के बंगले पर पहुंचे थे । इशारा का दिल तो मारे खुशी के बल्लियों उछल रहा था । उस का बस चलता तो वह ड्राइंग रूम से उठ कर दौड़ क...
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Read more »मरियम के आने से घर में रौनक बढ़ जाती , नासिर के लिए उनकी पसन्द की चीजें बनाई जाती , नासिर राव के आते ही घर के दरों दीवार अंगड़ाई लेकर जाग जात...
Read more »उसे हंसाने की कोशिश कर रहा था । " भई तुम तो ग़मगीन हो गई हो जैसे में बैंग्लोर जाने के बजाए खुदा के यहां सिधार रहा हूं । " जुगनू ने...
Read more »थोड़ी देर के बाद किरन बोलने के काबिल हुई थी , उसका लहजा शर्मिन्दगी लिए हुए था , उसने दीया से नज़रे चुरा ली । " किरन ऐसी बात नहीं जानू र...
Read more »उसने परीशान होकर जुगनू को काल की थी और उसे आने की जल्द ताकीद भी की । जुगनू ने उसे बताया था वह अपने मा बाप से बात करेगा और उनको मनाने की कोशि...
Read more »अब्बा किसी काम से हैदराबाद गए हुए थे । भाभी ने मौके से फायदा उठाते हुए आज ही घर बुलवा लिया था , उन्हें जुगनू वाकई पसन्द आया था , दीया ने जैस...
Read more »वह बार बार उसे काल करता रहा , मगर उसने काल वेक नहीं की वह और भी परीशान हो गया , किरन सोई हुई थी , उस वक़्त किरन को जगाना उसने मुनासिव नहीं स...
Read more »शमीना ने बेहद हैरानी के साथ गुलबीबी के साथ शाह खानम और माहगुल को आते देखा था । शाह खानम उस से बड़ी मुहब्बत से मिली । उस के माथे पर बोसा दिय...
Read more »" मुझे तो लगता है कुछ चक्कर जरुर है । " इशारा ने उसे अकेले अकेले मुस्कुराते देख कर कहा तो वह घबरा गई । " हाय नहीं इशारा ! मैं...
Read more »उसने फोन रख कर खुद को सोफे पर ढीला छोड़ दिया । ' कितना मुश्किल है अजमत खाना तुम्हें भूलना । तुम्हारी यादों से दामन पुड़ाना । वह सारे तुम...
Read more »" कोई बात नहीं । जख्मी के इलाज के लिए चीरे का दर्द तो सहना ही पड़ेगा । जब वह रिश्तों को बरतेंगी , तुम्हारी बातें उन्हें शहद की तरह मीठी...
Read more »अपनी अमानत ऐसे ही दो कपड़ों में घर ते जाएंगी । " जानू ' क्यों रोती हो ? में हूं ना , बताओ तुम क्या चाहती हो ? ” सालार ने पहले अरीब...
Read more »। सारी लड़कियां आजकल महंगे से महंगे ब्रान्ड की चीजें इस्तेमाल करती हैं मगर सारी पाबन्दियां हमारे लिए हैं । " अरीबा का फूल सा चेहरा रो ...
Read more »" तुम समझते क्यों नहीं हो , इतनी जल्दी शादी मुमकिन ही नहीं । अम्मी , बाबा ज़िन्दा होते तो और बात थी । मगर अब । " अनीक़ा ने दूर बहु...
Read more »मौसम बदलना शुरू मौसम बदलना शुरू हो गया था । गर्मी की लम्बी दोपहरें सुकड़ कर छोटी...
Read more »होटल में पीली ओरेन्ज सी रौशनी होटल में पीली ओरेन्ज सी रौशनी फैली । हुई थी । म्यूज़िक की हल्की धुन माहौल को...
Read more »मीटिंग डिस्कस सिकन्दर के साथ आने वाली मीटिंग डिस्कस करते हुए वह ए आर ...
Read more »दुख का अन्दाज़ा आपके दुख का अन्दाज़ा है मिसेज़ मु नईम ! लेकिन प्लीज़ आप...
Read more »थाली में दाल चुन वह थाली में दाल चुन रही थी । अब्बा के लिए खिचड़ी बनानी थी । सु...
Read more »सुसराल में से बहुत से हमदर्दी उन्होंने यह बात हंसी में उड़ा दी थी , लेकिन जब...
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