उसने फोन रख कर खुद को सोफे
उसने फोन रख कर खुद को सोफे पर ढीला छोड़ दिया । ' कितना मुश्किल है अजमत खाना तुम्हें भूलना । तुम्हारी यादों से दामन पुड़ाना । वह सारे तुम...
Read more »उसने फोन रख कर खुद को सोफे पर ढीला छोड़ दिया । ' कितना मुश्किल है अजमत खाना तुम्हें भूलना । तुम्हारी यादों से दामन पुड़ाना । वह सारे तुम...
Read more »" कोई बात नहीं । जख्मी के इलाज के लिए चीरे का दर्द तो सहना ही पड़ेगा । जब वह रिश्तों को बरतेंगी , तुम्हारी बातें उन्हें शहद की तरह मीठी...
Read more »अपनी अमानत ऐसे ही दो कपड़ों में घर ते जाएंगी । " जानू ' क्यों रोती हो ? में हूं ना , बताओ तुम क्या चाहती हो ? ” सालार ने पहले अरीब...
Read more »। सारी लड़कियां आजकल महंगे से महंगे ब्रान्ड की चीजें इस्तेमाल करती हैं मगर सारी पाबन्दियां हमारे लिए हैं । " अरीबा का फूल सा चेहरा रो ...
Read more »मीटिंग डिस्कस सिकन्दर के साथ आने वाली मीटिंग डिस्कस करते हुए वह ए आर ...
Read more »दुख का अन्दाज़ा आपके दुख का अन्दाज़ा है मिसेज़ मु नईम ! लेकिन प्लीज़ आप...
Read more »थाली में दाल चुन वह थाली में दाल चुन रही थी । अब्बा के लिए खिचड़ी बनानी थी । सु...
Read more »सुसराल में से बहुत से हमदर्दी उन्होंने यह बात हंसी में उड़ा दी थी , लेकिन जब...
Read more »नसीब न होता तो शायद मँ इतनी कामयाब केरियर वुमैन न होती । वक़्त आगे सरकता गया । शहर में कितने ही मैरिज ब्योरो और खुल चुके थे लेकिन ' मिल...
Read more »अच्छी नौकरी लड़का पढ़ लिख कर अच्छी नौकरी करने लगते उनकी मां बहनों को...
Read more »अपने बच्चों को पाला अपने बच्चों को पाला है अच्छी तालीम दिलवाई लेकिन ....। ...
Read more »रामीन ने बहुत सही बात रामीन ने बहुत सही बात कही थी । " बस तुम शुरू हो गई ।...
Read more »खूब मेकअप करके सिंचवाई यह लीजिए आन्टी ! मेरी बिल्कुल taja तस्वीर । खूब मेकअप करके सि...
Read more »उनमें तो कभी कड़वी बात तक न हुई । उनमें तो कभी कड़वी बात तक न हुई । थी । मरियम ने हमेशा मु...
Read more »उन ही दिनों एक बहुत अच्छे घर से मरियम उन ही दिनों एक बहुत अच्छे घर से मरियम सबीन के ल...
Read more »उसने करवट बदल कर फिर घड़ी को देखा उसने करवट बदल कर फिर घड़ी को देखा जो दोपहर का डेढ़...
Read more »शाम की सुरमई चादर फैलते ही मरियम ने रगड़ रगड़ कर मुंह धोया और अपना सबसे अच्छा सूट नि...
Read more »शाम को गेराज में ट्राउजर के पायंचे फोल्ड किए आस्तीन चढ़ाए अपनी बाइक धो रहा था । घर बदलने के कुछ द...
Read more »सिकन्दरसिकन्दर की आफर मुर्तज़ा के लिए किसी नेअमत से कम न थी । अब्दुर्रहमान हमदानी बहुत दिनों से य...
Read more »वह सर झाड़ मुंह फाड़ मिट्टी से अटे सहन में बैठी रही और फालतू चीज़ों में से काम आ जाने वाली चीजें अलग कर रही थी । काग़ज़ों और फटी पुरानी कि...
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